केवल 19 साल की उम्र में अग्निवीर सचिन सिंह केरल के तिरुवनंतपुरम में ड्यूटी के दौरान देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए।
सात महीने का प्रशिक्षण पूरा करके बस दो महीने पहले ही उनकी तैनाती वहाँ हुई थी। मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया उन्होंने।
पौड़ी गढ़वाल (ग्राम नौगांव आसूई) के इस वीर सपूत की शहादत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। हरिद्वार में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।











