दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को हुए भीषण होटल अग्निकांड में उत्तराखंड कनेक्शन सामने आया है। ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी (65) को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड में सियासी पारा चढ़ गया है।
कैसे हुआ हादसा?
बुधवार सुबह 8:30 बजे हौज रानी स्थित 5 मंजिला होटल में आग लग गई। होटल में सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन 25 कमरे चलाए जा रहे थे। तहखाने में भी कमरे बने थे। एक ही एंट्री-एग्जिट गेट, सील खिड़कियां और सेंसर वाले मेन गेट ने होटल को “मौत का जाल” बना दिया। हादसे में 13 विदेशी समेत 21 लोगों की जान गई, 58 को रेस्क्यू किया गया।
केशव नेगी पर आरोप
पुलिस का दावा है कि जांच में आग केशव नेगी की कथित लापरवाही से लगने की बात सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने आग बुझाने में सहयोग नहीं किया। इससे पहले होटल मालिक लवकेश बजाज समेत 3 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
उत्तराखंड में उबाल, CM धामी एक्टिव
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उत्तराखंड में आक्रोश फैल गया। सोशल मीडिया पर “गरीब कुक को बलि का बकरा” बनाने के आरोप लगे।
CM पुष्कर धामी ने तुरंत दिल्ली की CM रेखा गुप्ता से फोन पर बात की। धामी ने X पर लिखा कि रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि “किसी भी बेगुनाह के साथ अन्याय नहीं होगा” और जांच तथ्यों के आधार पर होगी। धामी ने केशव की बेटी कनिष्का नेगी से भी बात कर हर संभव मदद का वादा किया।
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पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने कहा “हरसंभव कानूनी सहयोग देंगे”, निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि “असली दोषियों को बचाने की कोशिश” बताया। कहा कि नेगी सिर्फ कुक थे, फायर सेफ्टी उनकी जिम्मेदारी नहीं
दिल्ली CM रेखा गुप्ता का रुख
रेखा गुप्ता ने CM धामी का पोस्ट री-शेयर कर लिखा: “न तो कोई दोषी बचना चाहिए और न ही किसी निर्दोष के साथ अन्याय होना चाहिए। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी”।
होटल की बड़ी खामियां
जांच में सामने आया कि होटल बिना फायर NOC के चल रहा था। 6 कमरों की जगह 25 कमरे, तहखाने में भी गेस्ट रूम – नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।
फिलहाल पुलिस आग के सही कारणों की जांच कर रही है। उत्तराखंड सरकार और विपक्ष दोनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि असली दोषी सामने आएं और किसी बेगुनाह को सजा न हो।







