देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने शनिवार को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हरिद्वार बाईपास और डोईवाला क्षेत्र में बिना अनुमति बनाए जा रहे तीन व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि शहर के सुनियोजित विकास में बाधा बनने वाले किसी भी अवैध निर्माण को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
MDDA की प्रवर्तन टीम ने हरिद्वार बाईपास स्थित मुस्कान होटल वाली गली में नईम अहमद और आशिफ द्वारा किए जा रहे दो अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया। इसके साथ ही डोईवाला के कान्हरवाला-भानियावाला तिराहे पर नेत्रपाल सैनी द्वारा बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
MDDA का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण मास्टर प्लान, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे मामलों में अब सीलिंग और ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को लेकर MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे देहरादून का विकास केवल नियोजित और नियमबद्ध तरीके से ही संभव है। बिना अनुमति किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रवर्तन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई होती रहेगी।
वहीं MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में कानूनी कार्रवाई और आर्थिक नुकसान दोनों से बचा जा सकता है।
MDDA के इस एक्शन के बाद शहर में ये संदेश साफ है – अब अवैध निर्माण पर कोई रहम नहीं होगा।








