नई दिल्ली। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के माता-पिता का इंडिया गेट पर चल रहा धरना अब सियासी रंग ले चुका है। दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में बैठे विरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी से मिलने बुधवार शाम कई बड़े नेता इंडिया गेट पहुंचे।
धरने पर कौन-कौन पहुंचा?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा
सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शाम को इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता के साथ जमीन पर बैठकर धरने में शामिल हुए। 88a6
कांग्रेस के अन्य नेता उनके साथ कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी मौके पर मौजूद रहे। 962a
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना
शुरू से ही अंकिता के परिवार के साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना धरने पर बैठी हैं। वही परिवार को लेकर इंडिया गेट आई थीं। cd64
पोस्टर छीने, फिर भी डटे रहे माता-पिता
धरने के दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की और कहा कि आप यहां पोस्टर लेकर नहीं बैठ सकते। इसके बाद परिवार ने अपने पोस्टर पुलिस को सौंप दिए और कहा – हम बिना पोस्टर के ही बैठेंगे, लेकिन हटेंगे नहीं। धरने के दौरान अंकिता की मां लगातार रोती रहीं।
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर कहा “चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है, उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।” 148a
परिवार की मांग है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर तब तक रोक लगाएं, जब तक CBI जांच पूरी नहीं हो जाती।
दूसरी तरफ दुष्यंत गौतम इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं और मानहानि का केस भी कर चुके हैं।











