देहरादून। उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन दिन तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के अनुसार भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को इमरजेंसी एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
मौसम विभाग ने बताया कि 4 जुलाई तक देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली जिलों में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर 115 मिमी से ज्यादा बारिश की आशंका है। इसे देखते हुए रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
चारधाम यात्रा मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्गों पर लोनिवि, बीआरओ और एनएच की टीमें जेसीबी व पोकलैंड मशीनों के साथ तैनात कर दी गई हैं। निर्देश दिए गए हैं कि मार्ग बाधित होते ही तुरंत खोल दिया जाए। सभी जिलों के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और हर घंटे शासन को रिपोर्ट भेजेंगे।
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें संवेदनशील स्थानों पर पहुंचा दी गई हैं। नदी-नालों के किनारे बसी बस्तियों में मुनादी कराई जा रही है। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि हालात देखकर स्कूलों में छुट्टी का फैसला लें।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम का अपडेट लेकर ही घर से निकलें। भूस्खलन संभावित इलाकों में न रुकें और नदी-नालों के पास जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में 112, 1070 या 1077 पर संपर्क करें।
मौसम विभाग ने बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है। सरकार ने सभी विभागों को राहत-बचाव कार्य के लिए अलर्ट रहने को कहा है।








