रुड़की। लंढौर रियासत से ताल्लुक रखने वाले पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने अनुसूचित जाति समाज से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें कथित रूप से समाज को लेकर आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया था। ऑडियो सामने आने के बाद कई संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था।
विवाद बढ़ने के बाद चैंपियन ने एक वीडियो जारी कर खेद जताया। उन्होंने कहा कि आवेश में कही गई बातों से अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं। उन्होंने माना कि जोश में कही गई बात अब होश में आने पर गलत लग रही है।
वायरल ऑडियो में इस्तेमाल भाषा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इसे असंवैधानिक और निंदनीय बताया था। मामले को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन भी हुए और कानूनी कार्रवाई की मांग उठी। माफी के बाद भी लोगों की प्रतिक्रिया बंटी हुई है। कुछ लोग इसे गलती सुधारने की पहल मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा पहले ही नहीं बोलनी चाहिए।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि संबंधित पक्ष ने माफी स्वीकार की है या नहीं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और सामाजिक सौहार्द के महत्व को सामने रखा है।
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इस पूरे प्रकरण के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि नेताओं और जनप्रतिनिधियों को जाति-धर्म जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए।
इस मामले ने यह संदेश भी दिया है कि सम्मान हर इंसान का हक है। पीठ पीछे भी किसी समाज या व्यक्ति के लिए असभ्य भाषा का इस्तेमाल न करना ही सभ्य समाज की पहचान है।








