श्रीनगर। ऑनलाइन कमाई और वर्क फ्रॉम होम का लालच देकर साइबर ठग लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं। श्रीनगर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला से 9 लाख 38 हजार 800 रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। मामले में पौड़ी पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली श्रीनगर में 13 जून 2025 को रेनू नाम की महिला निवासी श्रीनगर ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 6 मई 2025 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक मैसेज आया। मैसेज में ऑनलाइन काम करके अच्छी कमाई का दावा किया गया था। इसके बाद महिला को टेलीग्राम के एक ग्रुप में जोड़ दिया गया और अलग-अलग ऑनलाइन टास्क दिए जाने लगे।
ठगों ने महिला को झांसे में लेने के लिए शुरुआत में कुछ टास्क पूरे कराने पर छोटी रकम उनके खाते में भेजी। इससे महिला का भरोसा बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने कहा कि अगर वह तय रकम निवेश करती हैं तो उन्हें निवेश पर करीब 30 फीसदी अतिरिक्त मुनाफा मिलेगा। ज्यादा कमाई के लालच में महिला ने अलग-अलग किस्तों में ठगों के बताए खातों में कुल 9,38,800 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब महिला ने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो ठगों ने और पैसे की मांग शुरू कर दी। शक होने पर महिला ने रकम वापस मांगी, लेकिन आरोपियों ने मोबाइल बंद कर दिए और सभी ग्रुप से हटा दिया। ठगी का अहसास होने पर महिला ने कोतवाली श्रीनगर में मुकदमा दर्ज कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी ने साइबर सेल को जांच सौंपी। साइबर सेल ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस की तकनीकी जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम राजस्थान के एक खाते में गई है। इसके बाद पुलिस टीम राजस्थान रवाना हुई और दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पौड़ी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर आने वाले वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन टास्क और ज्यादा मुनाफे के लालच वाले मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने और निजी जानकारी या बैंक डिटेल साझा करने से बचें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।








