देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज 24 अक्टूबर को हजारों शिक्षक देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे हैं। इसमें उत्तरकाशी, पौड़ी, चंपावत समेत सभी जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हो रहे हैं। आज कक्षा 1 से 8 तक के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सामूहिक अवकाश के कारण तालाबंदी रहेगी।
रैली की शुरुआत परेड ग्राउंड देहरादून से होगी। शिक्षकों का कहना है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मुख्य मांगें क्या हैं?
TET से छूट: RTE अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। संघ का तर्क है कि इनकी नियुक्ति उस समय के सेवा नियमों के तहत हुई थी, अब 15-25 साल की सेवा के बाद TET थोपना अन्याय है। इससे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति भी लटकी है।
पुरानी पेंशन बहाली: 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए ताकि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा मिल सके। 1b25
गैर-शैक्षणिक कामों से मुक्ति: शिक्षकों से कक्षा शिक्षण के अलावा दर्जनों मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाने, ऑनलाइन कोर्स करने का दबाव बनाया जा रहा है। न करने पर वेतन रोकने की धमकी दी जा रही है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक इसका बहिष्कार चाहते हैं। 1b25
प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य विनोद रतूड़ी, दिगंबर सिंह नेगी और जिलाध्यक्ष मनोज जुगरान ने कहा कि लंबे समय से मांगों पर सरकार गंभीर नहीं है, इसलिए आंदोलन तेज किया गया है। अगर मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और व्यापक होगा और शिक्षक एंड्रॉयड फोन का बहिष्कार तक करेंगे।
वहीं दूसरी ओर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ भी इसी मुद्दे पर 4 नवंबर को शिक्षा निदेशालय में धरना और 30 नवंबर को अलग से सीएम आवास कूच करेगा।











