रुद्रप्रयाग / उत्तरकाशी। उत्तराखंड के हाई हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम के कारण दो बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए। केदारनाथ-वासुकीताल ट्रेक पर गया पांच सदस्यीय दल लापता हो गया है, जबकि कालिंदी पास और ओडिन कॉल क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी में फंसे 139 पर्वतारोहियों में से 67 को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
जानकारी के अनुसार वासुकीताल ट्रेक पर लापता दल में 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार के अमित फर्स्वाण, 40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग के नवीन रावत, उत्तरकाशी में तैनात फॉरेस्टर प्रवेश चौहान, जग्गी बगवान निवासी विवेक और पशुपालन विभाग केदारनाथ में तैनात संजय सिंह रावत शामिल हैं। यह दल 25 सितंबर को केदारनाथ-वासुकीताल ट्रेक के लिए निकला था और ओडिन कॉल होते हुए गंगोत्री तक जाने वाला था। परिजनों से संपर्क टूटने के बाद जिला आपदा प्रबंधन, पुलिस, वन्यजीव प्रभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें सर्च अभियान में जुटी हैं। कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर से चलाया जा रहा सर्च अभियान फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।
वहीं उत्तरकाशी में कालिंदी पास, ओडिन कॉल, जोगिन वन, सतोपंथ और वासुकीताल में फंसे ट्रेकर्स के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान मंगलवार दोपहर तक पूरा हो गया। प्रशासन के अनुसार दो दिन में 67 लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला गया है। इनमें ओडिन कॉल पास से 29, जोगिन वन से 8, सतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 और वासुकीताल से 3 लोग शामिल हैं। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है।
पहले दिन सोमवार को 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था, लेकिन मौसम खराब होने पर अभियान रोकना पड़ा था। मंगलवार सुबह मौसम साफ होते ही दोबारा अभियान शुरू किया गया। दूसरे दिन कालिंदी पास से 8, जोगिन वन से 8, सतोपंथ पीक बेस कैंप से 9 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर से हर्षिल लाया गया, जबकि वासुकीताल क्षेत्र से दो आर्मी पोर्टर्स को भी रेस्क्यू किया गया। प्रशासन ने बताया कि गत सप्ताह बारिश-बर्फबारी के कारण कुल 139 लोग अलग-अलग जगहों पर फंस गए थे, जिनमें से 67 को निकाल लिया गया है और शेष 72 ने मौसम साफ होने पर स्वयं वापस लौटने और अपना अभियान जारी रखने का फैसला लिया है।








