उत्तराखंड की राजनीति में 23 साल पुराना जैनी प्रकरण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पुराने प्रकरणों का जिक्र करने के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में है।
मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा?
हल्द्वानी में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में अदालत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोर्ट का फैसला आ चुका है, तो कांग्रेस इस मामले को बार-बार राजनीतिक मुद्दा क्यों बना रही है।
इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए तंदूर कांड और जैनी कांड जैसे पुराने विवादों का उल्लेख किया।
हरक सिंह रावत ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री के बयान के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। हरक सिंह रावत ने कहा कि घटना सामने आने के बाद उन्होंने स्वयं सीबीआई जांच की मांग की थी और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
हरक सिंह रावत ने यह भी कहा कि सीबीआई और डीएनए जांच में वह पाक-साफ निकल चुके हैं। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जांच में निर्दोष साबित होने के बाद भी इस मुद्दे को दोबारा उछाला जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने इस मामले पर मुंह खोला, तो कई तत्कालीन नेताओं के लिए जवाब देना कठिन हो जाएगा।
जैनी का वीडियो आया सामने
इसी बीच जैनी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में जैनी ने अपना चेहरा छिपा रखा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में उनका नाम घसीटकर उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
जैनी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मामले को दोबारा खुलवाने और जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की बात कही है।
जैनी ने हरक सिंह रावत के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने जैनी को कभी देखा तक नहीं। इस पर जैनी ने दावा किया कि घटना के समय उनकी उम्र महज 16 से 17 साल थी और उन्हें डराया-धमकाया गया था।
*क्या है 2003 का जैनी प्रकरण?*
यह मामला वर्ष 2003 का है, जब उत्तराखंड में नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी और हरक सिंह रावत राजस्व मंत्री थे। उस दौरान असम मूल की एक महिला ने आरोप लगाए थे। विवाद बढ़ने के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
फिलहाल तीनों पक्षों के बयान सामने आ चुके हैं। एक तरफ सरकार पुराने मामलों का जिक्र कर कांग्रेस को घेर रही है, दूसरी तरफ हरक सिंह रावत खुद को जांच में निर्दोष बता रहे हैं, वहीं जैनी केस दोबारा खुलवाने की मांग कर रही हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले इस प्रकरण के फिर से गरमाने से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
डिस्क्लेमर: ‘उत्तराखंड डिटेल्स’ इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।










