देहरादून। उत्तराखंड में इन दिनों सियासी पारा जमीन के मुद्दे पर चढ़ा हुआ है। एक तरफ कांग्रेस आज 4 नवंबर से ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान लेकर सड़क पर है तो दूसरी तरफ भाजपा भी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के जरिए पलटवार कर रही है।
कल रुद्रपुर में गांधी पार्क की रैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। धामी ने कहा कि कांग्रेस अराजकता और नकारात्मकता की राजनीति कर रही है। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी वोटर लिस्ट सुधारने की प्रक्रिया पर कांग्रेस द्वारा हंगामा करने पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एसआईआर पहली बार हो रहा है। धामी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी तक कह डाला और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को जन्म देने वाली पार्टी आज देश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है।
इससे पहले भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कांग्रेस के भूमि बचाओ अभियान को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह यात्रा निकालने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि एनडी तिवारी सरकार के कार्यकाल में ही 57 सरकारी जमीनें निजी हाथों में दी गई थीं। उन्होंने धोलास में 20 एकड़ और नैनीसार में 17 एकड़ जमीन बांटने का जिक्र किया और कहा कि धामी सरकार ने सख्त भू-कानून लाकर प्रदेश की जमीनों को बचाने का काम किया है।
उधर कांग्रेस का दावा है कि धामी सरकार में ही सरकारी जमीनों की बंदरबांट हो रही है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट, एचएमटी रानीबाग और आईडीपीएल की 633 एकड़ जमीन जैसे मामलों में सरकार ने नियमों को ताक पर रखा है। कांग्रेस ने आज हल्द्वानी, मसूरी, हरिद्वार और ऋषिकेश समेत 11 स्थानों पर प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।










