उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर टिकट की दावेदारी करने को लेकर सख्त हिदायत दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा है कि अगर किसी ने सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंच पर विधानसभा टिकट की दावेदारी की तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून में जारी बयान में भट्ट ने कार्यकर्ताओं से कहा कि दावेदारी केवल पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया, समय और मंच से ही पेश करें। उन्होंने माना कि हर कार्यकर्ता के भीतर महत्वाकांक्षा होना स्वाभाविक है और अपनी बात रखने का अधिकार भी है, लेकिन सोशल मीडिया पर बयानबाजी करना पार्टी अनुशासन के खिलाफ है।
भट्ट ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया में दावेदारी की खबरों से राज्य के साथ केंद्रीय नेतृत्व भी नाराज है। भाजपा एक अनुशासित संगठन है जो योग्यता और समर्पण को प्राथमिकता देता है। टिकट का फैसला उचित समय पर केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में मेरिट और संगठनात्मक प्रक्रिया से ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को संगठन की मर्यादा से ऊपर न रखें, वरना संगठन कड़ी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
दूसरी तरफ ऋषिकेश से खबर है कि चुनाव नजदीक आते ही दावेदारों की डिजिटल जंग तेज हो गई है। सभी दलों के नेता सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीकों से दावेदारी जता रहे हैं। भाजपा में कई जगह मौजूदा विधायकों के सामने ही नए दावेदार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। मसूरी विधानसभा में पूर्व मेयर समेत कई लोग वीडियो बनाकर प्रचार कर रहे हैं।
देहरादून की कैंट, रायपुर, डोईवाला, धर्मपुर विधानसभा में भी डिजिटल दावेदार सामने आ गए हैं। ऋषिकेश में एक पूर्व मेयर का विधानसभा चुनाव की दावेदारी वाला पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा दो बार कैबिनेट स्तर की दायित्वधारी भी मजबूती से दावेदारी पेश कर रही हैं।
कांग्रेस में अभी एक-दो पूर्व प्रत्याशी ही सोशल मीडिया पर सक्रिय दिख रहे हैं। हालांकि एक पूर्व कैबिनेट मंत्री ने भी दावेदारी के संकेत दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा क्षेत्रीय दलों में भी दावेदार सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा रहे हैं।







