रामनगर/ नैनीताल। अपने विवादित वीडियो और बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाला कोटाबाग निवासी व्लॉगर बिरजू मयाल एक बार फिर गिरफ्तार हो गया है। पुलिस ने उसे कोतवाली में हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजा है।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के अनुसार 19 सितंबर को बिरजू मयाल रामनगर कोतवाली पहुंचा था। आरोप है कि उसने वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और कार्यालय में रखे सरकारी रजिस्टर इधर-उधर फेंकने लगा। काफी समझाने के बाद भी वह शांत नहीं हुआ।
हंगामा बढ़ता देख पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सरकारी अस्पताल ले गई, लेकिन वहां भी उसने डॉक्टर के साथ अभद्रता की। मेडिकल के बाद कोतवाली लाए जाने पर उसने दोबारा उत्पात मचाया।
पुलिस ने इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
थाने और जेल से रहा है पुराना नाता
बिरजू मयाल के खिलाफ पहली बार 2021 और 2022 में कालाढूंगी थाने में मुकदमे दर्ज हुए थे। उसके समर्थकों का कहना है कि तब भी वह गांव के कुछ लोगों के हक की लड़ाई लड़ रहा था।
दूसरी बार बड़ी कार्रवाई 27 जुलाई 2025 को हुई, जब रामनगर कोतवाली में उस पर एक साथ तीन FIR दर्ज हुईं। पुलिस ने उसे सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार और धमकी का आरोपी बताया, जबकि उसके जानने वालों का कहना है कि वह एक पारिवारिक विवाद में बीच-बचाव कर रहा था।
तीसरी बार इसी महीने 9 सितंबर को उसे रामनगर के सरकारी अस्पताल का वीडियो बनाने पर गिरफ्तार किया गया। वह अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की कमी को दिखा रहा था। अस्पताल प्रबंधन ने इसे छवि खराब करने का आरोप बताकर तहरीर दे दी।
और अब चौथी बार 19 सितंबर को कोतवाली में हंगामे के आरोप में फिर जेल भेज दिया गया है। समर्थकों का कहना है कि सिस्टम पर सवाल उठाने की वजह से ही बिरजू मयाल को बार-बार जेल जाना पड़ रहा है।








