देहरादून/ जखोली। साल 2023 में देहरादून के कारगी चौक के पास हुई एक लापरवाही ने रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकास खंड के त्युंखर गांव निवासी 35 वर्षीय पिंकू लाल की पूरी दुनिया बदल दी। पेशे से चालक पिंकू उस दिन गाड़ी से उतरकर फोन पर बात कर रहे थे, तभी मानकों के विपरीत नीचे झूल रही 33 केवी की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट के तेज झटके से वह गंभीर रूप से झुलस गए और लंबे इलाज के बाद डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए दोनों हाथ काटने पड़े।
हादसे से पहले पिंकू ही परिवार के अकेले कमाने वाले थे। माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पत्नी और पांच छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। गाड़ी चलाकर वह घर का खर्च चलाते थे, लेकिन उस एक हादसे ने न सिर्फ उनका रोजगार छीन लिया बल्कि पूरे परिवार को सड़क पर ला दिया।
अब स्थिति यह है कि पिंकू किसी भी तरह का काम करने में असमर्थ हैं। घर का खर्च चलाना तो दूर, रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पातीं। पूरा परिवार सरकारी राशन और मात्र 1500 रुपये की विकलांग पेंशन के सहारे जिंदगी काट रहा है। फोन का रिचार्ज तक दोस्तों की मदद से होता है।
स्वास्थ्य में सुधार के बाद पिंकू ने पटेलनगर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आखिरकार उन्होंने एसीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर अब यूपीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अनिल कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। इंस्पेक्टर पटेलनगर विनोद गुसाईं ने इसकी पुष्टि की है।
एक गरीब परिवार के मुखिया से सब कुछ छीन लेने वाले इस हादसे के बाद अब कानूनी कार्रवाई शुरू होने से पीड़ित परिवार को कुछ राहत की उम्मीद जगी है।
वहीं जखोली विकासखंड के सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम पंवार ने दोषी अधिकारी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही पीड़ित पिंकू लाल को उचित मुआवजा और पर्याप्त पेंशन देने की मांग की है।







