कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेलाधिकारी सोनिका ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ समय पर और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मेलाधिकारी ने कहा कि मेला क्षेत्र में चल रहे सभी कार्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि एक विभाग के काम से दूसरे विभाग का काम खराब न हो और भविष्य में किसी भी बने हुए निर्माण को तोड़ने की नौबत न आए। अगर ऐसा होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क के दायरे में आने वाले पेयजल लाइन, सीवर, ओएफसी और बिजली लाइन से जुड़े सभी काम सड़क की मरम्मत और ब्लैकटॉपिंग से पहले ही पूरे कर लिए जाएं। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद किसी भी विभाग को सड़क खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मेलाधिकारी ने थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए नियुक्त एजेंसियों के टीम लीडर्स से गुणवत्ता की रिपोर्ट भी ली। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में जो भी कमियां सामने आई हैं, उनका तुरंत निस्तारण किया जाए और 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निर्देशों के पालन में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पर संबंधित संस्था के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और भुगतान में कटौती भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 का सफल आयोजन तभी संभव है जब सभी निर्माण कार्य समय पर और तय मानकों के अनुसार पूरे हों। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अपर पुलिस अधीक्षक (संचार) विपिन कुमार, तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार भट्ट, अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








