ऋषिकेश। आर्थिक अभावों और कठिन परिस्थितियों के बीच संघर्ष करते हुए ऋषिकेश की मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (पीसीएस) परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम पद पर चयनित होकर प्रेरणा की नई मिसाल कायम की है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और लगन के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
मीनाक्षी भाटिया ने पहली ही बार में उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन महज पांच अंकों से अंतिम चयन से चूक गई थीं। वर्ष 2020 में उन्होंने श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के ऋषिकेश परिसर से बीकॉम में विश्वविद्यालय टॉप कर गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया था।
मीनाक्षी की सफलता की कहानी संघर्ष से भरी रही है। वर्ष 2003 में उनके पिता का निधन हो गया था, तब वह मात्र डेढ़ वर्ष की थीं। परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां नीलम भाटिया के कंधों पर आ गई। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए नीलम भाटिया ने टिफिन सेवा शुरू की। मीनाक्षी और उनकी बड़ी बहन शिल्पा भाटिया पढ़ाई के साथ-साथ घर-घर टिफिन पहुंचाने का काम भी करती थीं।
मीनाक्षी ने बताया कि शुरुआत में पैदल और बाद में स्कूटी से टिफिन की होम डिलीवरी की जाती थी। समय बचने पर उन्होंने पूरी ऊर्जा पढ़ाई में लगाई और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर मेहनत जारी रखी।
उनकी बड़ी बहन शिल्पा भाटिया भी उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्तमान में पौड़ी में सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। बहन की सफलता से प्रेरित होकर मीनाक्षी ने भी प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया।
अपनी तैयारी की रणनीति साझा करते हुए मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। स्वअध्ययन, नियमित टेस्ट सीरीज और सीमित संसाधनों के बल पर उन्होंने यह सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह सोशल मीडिया और इंटरनेट से लगभग दूर रहीं तथा केवल अध्ययन सामग्री के लिए ही इनका उपयोग किया।
मीनाक्षी की यह उपलब्धि न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी सफलता ने बेटियों की क्षमता, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास को एक बार फिर साबित किया है।








