हरिद्वार। पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ गांव में स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। बीती 21 जुलाई 2026 को मंदिर परिसर के पास जंगल में खुदे गड्ढे से दो शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान मुजफ्फरनगर के शुक्रताल निवासी पारस गिरी उम्र 40 वर्ष और सेवा गिरी उम्र 38 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों पिछले कुछ महीनों से इसी मंदिर में रहकर पूजा-पाठ और सेवा का काम देख रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार को जब दोनों साधु सुबह की आरती में नहीं दिखे और फोन भी बंद आने लगा तो सेवादारों को शक हुआ। मंदिर के आसपास तलाश करने पर परिसर से थोड़ी दूरी पर जंगल में ताजी खुदाई के निशान मिले। ग्रामीणों ने तुरंत पथरी पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और खुदाई कराई तो मिट्टी में दबे दोनों साधुओं के शव मिले।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पारस गिरी की हत्या गला घोंटकर की गई थी, जबकि सेवा गिरी के शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। शवों को ठिकाने लगाने के लिए उन्हें मंदिर से कुछ दूरी पर जंगल में दफना दिया गया था।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद से मंदिर का मुख्य पुजारी और वहां ठहरे तीन अन्य साधु अचानक गायब हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या में इन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद से चारों फरार हैं और उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है।
एसएसपी हरिद्वार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरिद्वार के अलावा मुजफ्फरनगर और आसपास के जिलों में दबिश दी जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने मंदिर और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मंदिर परिसर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और सुरक्षा के लिए वहां पुलिस बल तैनात किया गया है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। जमीन विवाद, आपसी रंजिश या लूटपाट समेत कई एंगल से जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र के साधु-संतों और ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।









