उत्तराखंड की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं, और इसी कड़ी में पौड़ी गढ़वाल के थली गांव की 21 वर्षीय धाविका मीनाक्षी नेगी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मीनाक्षी ने प्रतिष्ठित ‘सूर्य देवभूमि ट्रेल रन चैलेंज’ की 113 किलोमीटर लंबी कठिन दौड़ में बालिका वर्ग में पहला स्थान हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण रेस 16 घंटे 20 मिनट 7 सेकंड में पूरी कर अपनी शानदार फिटनेस, धैर्य और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। उनके कोच रुपेश यादव के मार्गदर्शन में मीनाक्षी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
यह मैराथन कोई सामान्य दौड़ नहीं थी, बल्कि हिमालय की सबसे कठिन ट्रेल रेसों में से एक मानी जाती है। रेस का मार्ग हेलंग से शुरू होकर बंसीनारायण, कलगोट, रुद्रनाथ, अनसूया माता, मंडल, तुंगनाथ, चोपता और देवरियाताल जैसे दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों से गुजरते हुए ऊखीमठ में समाप्त हुआ। बर्फ से ढके पहाड़, ऊंचे बुग्याल और घने जंगलों के बीच इस दौड़ ने प्रतिभागियों की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ली।
देशभर से आए 300 से अधिक धावकों के बीच मीनाक्षी ने जिस जज्बे और आत्मविश्वास के साथ यह उपलब्धि हासिल की, उसने सभी को प्रभावित किया।
मीनाक्षी की यह पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह आदि कैलाश में 60 किमी दौड़ में पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। साथ ही 100 किमी में उनका राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड दर्ज है, जिसके आधार पर वह वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी हैं।
अब मीनाक्षी नेगी की नजरें अंतरराष्ट्रीय मंच पर हैं। वह जल्द ही स्पेन में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही हैं।
मीनाक्षी की इस सफलता से पूरे पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मीनाक्षी ने जो मुकाम हासिल किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणा है।
पहाड़ की इस होनहार बेटी ने साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।











