Thursday, August 13, 2026
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Contact
Uk Details
  • Home
  • ट्रेंडिंग
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हेल्थ
  • हादसा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • अपराध
  • खेल
No Result
View All Result
Uk Details
Home Uncategorized

गुड न्यूज : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर की वैज्ञानिक को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, एससीआई रैंक ग्लोबल रजिस्ट्री 2025 में बनाई जगह

May 15, 2026
in Uncategorized
0
गुड न्यूज : हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर की वैज्ञानिक को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, एससीआई रैंक ग्लोबल रजिस्ट्री 2025 में बनाई जगह
Share on FacebookShare on Whatsapp

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के जैव रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा निगम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें प्रतिष्ठित “SciRank Global Registry 2025” में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान शोध कार्यों की गुणवत्ता, वैज्ञानिक प्रकाशनों और बिब्लियोमेट्रिक विश्लेषण के आधार पर प्रदान किया गया है।

डॉ. मनीषा निगम को यह पहचान जैव रसायन एवं स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शोध, वैज्ञानिक योगदान और निरंतर अनुसंधान कार्यों के लिए मिली है। उनके कई शोध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, जिनका वैज्ञानिक समुदाय में विशेष महत्व माना जाता है।

Related posts

सरकार बहादुर पार्ट 3 : उत्तराखंड की बेटा सायरा सरकार की नितियों से परेशान, सोशल मीडिया पर हो रहा वीडियो वायरल  देहरादून। उत्तराखंड की बेटी सायर ने नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। देहरादून के CNI Girls School की कक्षा 12 की छात्रा सायरा ने अपनी मेहनत से इंटरनेशनल स्पर्धा के लिए भी क्वालीफाई किया। लेकिन सरकार की गलत नीतियों और उदासीनता की वजह से उसका सपना अधूरा रह गया।  10 अगस्त 2026 को देहरादून में हुए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में जब सायरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंची तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने के लिए डेढ़ लाख रुपये चाहिए थे। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि इतनी रकम जुटा पाती। नतीजा ये हुआ कि देश के लिए खेलने का मौका हाथ से चला गया।  यही है सरकार की “खेल नीति” की सच्चाई। एक तरफ ढोल पीटा जाता है “खेलो इंडिया” का, दूसरी तरफ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को बुनियादी मदद के लिए भी तरसना पड़ता है। सायरा के जिले में आज तक एक भी सरकारी ताइक्वांडो सेंटर नहीं बना। प्रैक्टिस के लिए हर महीने 8000 रुपये प्राइवेट हॉल को देने पड़ते हैं। बरसात में सरकारी स्टेडियम बंद रहते हैं या वीआईपी के नाम बुक रहते हैं। नेशनल के बाद मिलने वाला यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि आज भी फाइलों में अटकी है।  सायरा के माता-पिता ने कर्ज लेकर बेटी को नेशनल तक पहुंचाया। उन्हें उम्मीद थी सरकार सहयोग करेगी। लेकिन जब मदद मांगी तो जवाब मिला बजट नहीं है। वहीं जीत के बाद अफसर और नेता फोटो खिंचवाकर “बेटी बचाओ” का भाषण दे देते हैं।  सायरा का सवाल सरकार से सीधा है। अगर एक नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट को डेढ़ लाख की कमी के कारण पीछे बैठना पड़े तो आम खिलाड़ी क्या करेगा? खिलाड़ियों और अभिभावकों की मांग है कि तुरंत हर जिले में फ्री कोचिंग, समय पर किट और भत्ता, और इंटरनेशनल जाने वाले खिलाड़ियों के लिए फंड की व्यवस्था हो।  साफ है सरकार को मेडल से मतलब है, खिलाड़ी से नहीं। जब तक नीतियां कागजों तक सीमित रहेंगी, सायरा जैसी बेटियां गोल्ड जीतकर भी अपने सपने बेचने को मजबूर रहेंगी। सायरा एक एनसीसी कैडेट भी है, सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के खोखले दावे करती है, इन दावों में कितना दम है यह धरातल पर पता चल रहा है।

सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए

August 13, 2026
तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

August 13, 2026

शोध और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में निभाई अहम भूमिका – डॉ. निगम लंबे समय से विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही हैं। उनके निर्देशन में कई शोधार्थी शोध कार्य कर रहे हैं और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना रहे हैं। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनका योगदान विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय और प्रदेश के लिए गौरव का क्षण – डॉ. मनीषा निगम की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर है। विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे संस्थान और उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। विश्वविद्यालय परिवार ने आशा जताई कि उनकी यह सफलता आने वाले समय में शोध और विज्ञान के क्षेत्र में नई प्रेरणा देगी।

Previous Post

पौड़ी : युवती प्रधान का हाथ खींचना 75 वर्षीय बुजुर्ग को पड़ा मंहगा, युवा महिला प्रधान से बुजुर्ग मांगी ने माफी, समझिए मामला

Next Post

केदारनाथ : सोनप्रयाग में नेपाली के कब्जे से बरामद की गई अवैध शराब

Next Post
केदारनाथ : सोनप्रयाग में नेपाली के कब्जे से बरामद की गई अवैध शराब

केदारनाथ : सोनप्रयाग में नेपाली के कब्जे से बरामद की गई अवैध शराब

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RECOMMENDED NEWS

बड़ी खबर :हरक सिंह रावत की फिर बड़ी मुश्किलें, ईडी का नोटिस जारी

बड़ी खबर :हरक सिंह रावत की फिर बड़ी मुश्किलें, ईडी का नोटिस जारी

2 years ago
बड़ी खबर: रेड क्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को दिया प्रशिक्षण

बड़ी खबर: रेड क्रॉस सोसाइटी ने एनसीसी कैडेट्स को दिया प्रशिक्षण

3 years ago
बड़ी ख़बर: ड्यूटी पर लापरवाही बरतने पर दरोगा निलंबित

बड़ी ख़बर: ड्यूटी पर लापरवाही बरतने पर दरोगा निलंबित

3 years ago
साइबर क्राइम: साइबर ठगों ने लगाया 12 सौ करोड़ का चूना

साइबर क्राइम: साइबर ठगों ने लगाया 12 सौ करोड़ का चूना

3 years ago

BROWSE BY CATEGORIES

  • Uncategorized
  • अपराध
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • हादसा
  • हेल्थ

POPULAR NEWS

  • खुशखबरी :- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने खोला युवाओं के लिए नौकरीयों का पिटारा

    खुशखबरी :- उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने खोला युवाओं के लिए नौकरीयों का पिटारा

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • खुशखबरी : आउटसोर्सिंग के माध्यम द्वारा होने जा रही हैं उत्तराखंड में बड़ी भर्तियां

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • ब्रेकिंग : 2 अगस्त से आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी अपडेट , शिक्षा मंत्री से इन दो मांगों पर बनी सहमति

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • बिग ब्रेकिंग : विवादित मशरूम गर्ल दिव्या रावत गिरफ्तार

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • ब्रेकिंग : पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट से अहम खबर

    0 shares
    Share 0 Tweet 0

Uk Details

Uk Details

Uk Details

News & Media Website

Uk Details is a News & Media Website .

Follow us on social media:

Recent News

  • सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए
  • तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां
  • सरकार बहादुर पार्ट 2 : मुख्यमंत्री की नई कोचिंग योजना में रोजगार, जमीन पर बेरोजगारी” बेरोजगार बोले – “कोचिंग से पेट नहीं भरता, नौकरी दो”

Category

  • Uncategorized
  • अपराध
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • हादसा
  • हेल्थ

Recent News

सरकार बहादुर पार्ट 3 : उत्तराखंड की बेटा सायरा सरकार की नितियों से परेशान, सोशल मीडिया पर हो रहा वीडियो वायरल  देहरादून। उत्तराखंड की बेटी सायर ने नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। देहरादून के CNI Girls School की कक्षा 12 की छात्रा सायरा ने अपनी मेहनत से इंटरनेशनल स्पर्धा के लिए भी क्वालीफाई किया। लेकिन सरकार की गलत नीतियों और उदासीनता की वजह से उसका सपना अधूरा रह गया।  10 अगस्त 2026 को देहरादून में हुए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में जब सायरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंची तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने के लिए डेढ़ लाख रुपये चाहिए थे। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि इतनी रकम जुटा पाती। नतीजा ये हुआ कि देश के लिए खेलने का मौका हाथ से चला गया।  यही है सरकार की “खेल नीति” की सच्चाई। एक तरफ ढोल पीटा जाता है “खेलो इंडिया” का, दूसरी तरफ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को बुनियादी मदद के लिए भी तरसना पड़ता है। सायरा के जिले में आज तक एक भी सरकारी ताइक्वांडो सेंटर नहीं बना। प्रैक्टिस के लिए हर महीने 8000 रुपये प्राइवेट हॉल को देने पड़ते हैं। बरसात में सरकारी स्टेडियम बंद रहते हैं या वीआईपी के नाम बुक रहते हैं। नेशनल के बाद मिलने वाला यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि आज भी फाइलों में अटकी है।  सायरा के माता-पिता ने कर्ज लेकर बेटी को नेशनल तक पहुंचाया। उन्हें उम्मीद थी सरकार सहयोग करेगी। लेकिन जब मदद मांगी तो जवाब मिला बजट नहीं है। वहीं जीत के बाद अफसर और नेता फोटो खिंचवाकर “बेटी बचाओ” का भाषण दे देते हैं।  सायरा का सवाल सरकार से सीधा है। अगर एक नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट को डेढ़ लाख की कमी के कारण पीछे बैठना पड़े तो आम खिलाड़ी क्या करेगा? खिलाड़ियों और अभिभावकों की मांग है कि तुरंत हर जिले में फ्री कोचिंग, समय पर किट और भत्ता, और इंटरनेशनल जाने वाले खिलाड़ियों के लिए फंड की व्यवस्था हो।  साफ है सरकार को मेडल से मतलब है, खिलाड़ी से नहीं। जब तक नीतियां कागजों तक सीमित रहेंगी, सायरा जैसी बेटियां गोल्ड जीतकर भी अपने सपने बेचने को मजबूर रहेंगी। सायरा एक एनसीसी कैडेट भी है, सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के खोखले दावे करती है, इन दावों में कितना दम है यह धरातल पर पता चल रहा है।

सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए

August 13, 2026
तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

तमक नाला हादसा  : लापता शख्स की तलाश तीसरे दिन भी जारी, रेस्क्यू में जुटीं 6 एजेंसियां

August 13, 2026
  • Privacy Policy
  • Term & Condition
  • Contact

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग
  • एक्सक्लूसिव
  • खुलासा
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • हेल्थ
  • हादसा
  • हाईकोर्ट न्यूज
  • अपराध
  • खेल

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.