रूद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरूद्वारा दमदमा साहिब में निहंग सिखों का विवाद तीसरे दिन भी जारी है। मामला शनिवार 20 जून शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ था जब 6-7 निहंग श्रद्धालु गुरूद्वारे की तीसरी मंजिल और छत पर चढ़ गए थे।
निहंगों की मांग है कि 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग बाजार में पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए 4 निहंग साथियों को रिहा किया जाए। निहंगों ने गुरूद्वारा प्रबंधन से 50-60 कमरे मांगे थे ताकि 25 जून को होने वाले प्रदर्शन में आए श्रद्धालुओं को ठहराया जा सके। प्रबंधन ने मना कर दिया तो विवाद बढ़ गया।
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर के मुताबिक बातचीत के बाद दो निहंग छत से नीचे उतरकर प्रशासन से बात कर रहे हैं। बाकी 5 निहंग अभी भी छत पर डटे हैं। प्रशासन लगातार संवाद कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा है कि गुरूद्वारे में लंगर और अरदास सामान्य रूप से चल रही है। श्रद्धालुओं की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है। हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है।
मौके पर पुलिस, आईटीबीपी और पीएसी तैनात है। रूद्रप्रयाग और चमोली के कुछ संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू है जो 27 जून तक रहेगी। इंटरनेट सेवा एहतियातन कुछ समय के लिए बंद की गई थी जिसे अब बहाल कर दिया गया है। सेना की तैनाती की खबरों को पुलिस ने गलत बताया है।
गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप का कहना है कि ये विवाद गुरूद्वारा प्रबंधन और निहंग श्रद्धालुओं के बीच का आपसी मामला है। इसका कर्णप्रयाग की घटना से सीधा संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बंधक और कब्जे वाली अफवाहें गलत हैं।
गुरूद्वारा प्रबंधन के सेवादार बेहंत सिंह का आरोप है कि छत पर मौजूद लोग मान्यता प्राप्त निहंग नहीं हैं और उन्होंने सोलर सिस्टम व पानी की सप्लाई खराब की है। वहीं निहंग समूह का कहना है कि कर्णप्रयाग में एकतरफा कार्रवाई हुई है।
अभी बातचीत जारी है। प्रशासन का फोकस शांति से समाधान निकालने पर है ताकि चारधाम और हेमकुंड यात्रा प्रभावित न हो।








