देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा और सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 7 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना रायपुर में आरोपी और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
सहस्त्रधारा रोड निवासी मुकेश कुमार के मुताबिक उनकी मुलाकात सचिवालय के सामने मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति से हुई थी। आरिफ ने खुद को सचिवालय-विधानसभा की एक निदेशक का ड्राइवर और सरकारी कर्मचारी बताया।
बातचीत के दौरान आरिफ ने कहा कि निदेशक के पीए के रिटायर होने से पद खाली हो रहा है और वो नौकरी लगवा सकता है। इसी भरोसे में आकर मुकेश ने उसे 6 लाख रुपए, अपने शैक्षणिक दस्तावेजों की हस्ताक्षरित कॉपी और फोटो दे दिए। आरोपी ने 6 जनवरी 2026 को ज्वॉइनिंग कराने का वादा किया था, लेकिन 5 जनवरी के बाद से फोन उठाना बंद कर दिया।
पीड़ित ने जब पड़ताल की तो पता चला कि आरिफ अपनी पत्नी से एक अधिकारी बनकर बात करवाता था, ताकि पीड़ित को विश्वास दिलाया जा सके।
फंक्शन’ के नाम पर मांगे 1.38 लाख
आरिफ ने विधानसभा में नई नियुक्ति पर होने वाले ‘फंक्शन’ का हवाला देकर अनुराग नाम के व्यक्ति के जरिए 1,38,660 रुपए और ले लिए। आरोपी ने कहा था कि विधानसभा-सचिवालय में ज्वॉइनिंग के बाद नया अधिकारी फंक्शन कराता है, जिसमें सचिव और मंत्री जैसे बड़े लोग आते हैं। इससे पहचान बनती है। अनुराग विधानसभा में कैंटीन चलाता है और वही सारी व्यवस्था देखता है। आरोपी ने यह राशि बाद में लौटाने की बात कही थी।
इस तरह कुल 7 लाख रुपए की ठगी हुई। पीड़ित के पास आरोपियों से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
थाना प्रेमनगर प्रभारी संजीत कुमार ने बताया, “पीड़ित मुकेश कुमार की शिकायत के आधार पर आरोपी मोहम्मद आरिफ और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस अब कॉल रिकॉर्डिंग और लेनदेन के सबूतों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।








