रिपोर्ट – हरीश चन्द्र ऊखीमठ
बाबा केदारनाथ के बाद तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट भी विधि विधानों व मठापति और पुजारियों के मन्त्रों उच्चारणों के साथ समस्त श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मठापति मुकेश मैठाणी ने कहा कि मंगलवार को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की चल विग्रह उतस्व डोली अपने पंच गद्दी स्थल मार्टेश्वरी मन्दिर मक्कू से प्रथम रात्रि प्रवास करने के लिए चोपता में विराजमान हुई। वहीं बुधवार यानी कि 22 अप्रैल को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की चल विग्रह उतस्व डोली चोपता से चलते अपने धाम तुंगनाथ मंदिर में पहुंची, जहां पर समस्त तीर्थ पुरोहितों व पुजारियों और मठापतियों द्वारा 11 बजकर 30 मिनट पर तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट समस्त श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं, जहां पर अब भगवान तुंगनाथ धाम में 6 महीनों तक पूजा अर्चना की जाएगी। वहीं बता दें कि तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम की चल विग्रह उतस्व डोली की पंच गद्दी स्थल मार्टकेश्वर मन्दिर में डोली के प्रस्थान होने से एक पहले डोली की पूजा अर्चना व समस्त भक्तजन ग्रामीणों द्वारा गांव में नये आनाज का भोग लगाया जाता है। जिसको ‘छाबड़ी’ कहा जाता है, साथ ही डोली की पूजा अर्चना करके जय जयकार के साथ फूल मालाओं के साथ पंच गद्दी स्थल से विदा किया जाता है। यह परम्परा पौराणिक है तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने से भगवान तुंगनाथ धाम में देश-विदेश श्रद्धालुओं व यात्रियों और भक्तजनों का तांता लगता है ।साथ ही पर्यटक स्थल मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता में भी काफी पर्यटकों द्वारा वहा घूमने के लिए जाते इससे स्थानीय व्यापारियों का रोजगार बढ़ता जाता है।

इस मौके पर रामप्रसाद मैठाणी, पूर्व प्रधान विजय पाल नेगी, जिला पंचायत सदस्य परकण्डी वार्ड प्रिती पुष्पवान, पूर्व विधायक मनोज रावत, रेवाधर मेठाणी, हर्षवर्धन मैठाणी, आशिष मैठाणी, प्रकाश मैठाणी, रमेश मैठाणी, विजय भारत मैठाणी, प्रशांत मैठाणी, पंकज मैठाणी, प्रधान सुनीता देवी, प्रधान पाव विनोद नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मक्कू आशीष चौहान, व समस्त तीर्थ पुरोहित व पुजारी मौजूद रहे।











