श्रीनगर (गढ़वाल)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को आखिरकार स्थायी नियुक्ति का तोहफा मिल गया। बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने प्रथम चरण में ग्रुप-सी और वाहन चालक सहित 35 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कुलपति का आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि गढ़वाल विवि में कुल 147 दैनिक एवं नियत वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति दी जानी है। इनमें से प्रथम चरण में 31 लोवर डिवीजन क्लर्क (LDC) और 4 वाहन चालकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जबकि शेष कर्मचारियों को दूसरे चरण में नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि यह मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में विचाराधीन था। वर्ष 2009 में 147 कर्मचारियों ने रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद 13 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने गढ़वाल विवि प्रशासन को कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने के आदेश जारी किए थे। इसके अनुपालन में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में 9 मई को आयोजित कार्यपरिषद (ईसी) की बैठक में 147 कर्मचारियों को नियमित किए जाने के फैसले पर मुहर लगी थी।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के लंबे संघर्ष, धैर्य और मेहनत की जीत है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में पूरी टीम ने दिन-रात मेहनत की। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय स्तर पर सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के योगदान को भी अहम बताया।
कुलपति ने नियुक्त कर्मचारियों से विश्वविद्यालय के प्रति पूरी ईमानदारी, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलसचिव, वित्त अधिकारी सहित अन्य रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही नव नियुक्त कर्मचारियों के लिए कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी, वित्त अधिकारी डॉ. अजय कुमार मोहंती, डीन पदोन्नति एवं रिक्रूटमेंट प्रो. एमएस पंवार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. गौतम वीर, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एमएम सेमवाल, एसआरटी परिसर निदेशक प्रो. एए बौडाई, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. ओपी गुसांई, प्रो. एचबीएस चौहान, सहायक कुलसचिव डॉ. विजयपाल भंडारी, ख्याति वर्धन जोशी, सूर्य प्रकाश बादल, कुलदीप कुमार, चौरास परिसर निदेशक प्रो. आरएस नेगी, हैप्रेक निदेशक डॉ. वीके पुरोहित, जनसंपर्क अधिकारी आशुतोष बहुगुणा, शिक्षणेत्तर कर्मचारी परिषद अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र फर्स्वाण और महासचिव रविंद्र सिलवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
करीब दो दशक से अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति मिलने से विश्वविद्यालय परिसर में खुशी का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों ने इसे अपने लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।





