दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को व्यंग्यात्मक ऑनलाइन समूह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के X अकाउंट को अनब्लॉक करने का आदेश दिया। केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि अब अकाउंट बहाल किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकल पीठ ने यह निर्देश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बयान के बाद दिया। मेहता ने कहा कि यह अकाउंट NEET परीक्षा के दौरान ब्लॉक किया गया था क्योंकि उस समय लाखों छात्र परीक्षा में शामिल थे और अकाउंट पर की गई कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों में भ्रम पैदा कर सकती थीं। अब परीक्षा खत्म हो चुकी है, इसलिए अकाउंट बहाल किया जा सकता है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र के ब्लॉकिंग आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर X अकाउंट ब्लॉक कराया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के तहत इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर X को अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।
पिछली सुनवाई 29 मई को हुई थी। तब कोर्ट ने केंद्र का पक्ष सुने बिना राहत देने से मना कर दिया था और कहा था कि मामला व्यापक प्रभाव वाला है।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बेरोजगारी, संस्थागत जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर व्यंग्य के जरिए बात रखने वाला सोशल मीडिया आंदोलन है। इसकी शुरुआत बोस्टन निवासी अभिजीत दिपके ने की थी। समूह ने NEET और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की थी।
नाम की चर्चा तब शुरू हुई जब मई में सुनवाई के दौरान तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश ने कुछ युवाओं के लिए “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी फर्जी डिग्री से पेशे में आने वालों के लिए थी, बेरोजगार युवाओं के लिए नही!








