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बिग ब्रेकिंग : रामनगर शिक्षा बोर्ड का रिजल्ट जारी, पहाड़ के छात्र-छात्राओं का दबदबा

April 30, 2024
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विघालयी शिक्षा परिषद रामनगर द्वारा उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल-इण्टर मीडिएट का रिजल्ट जारी कर दिया है।

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सरकार बहादुर पार्ट 3 : उत्तराखंड की बेटा सायरा सरकार की नितियों से परेशान, सोशल मीडिया पर हो रहा वीडियो वायरल  देहरादून। उत्तराखंड की बेटी सायर ने नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। देहरादून के CNI Girls School की कक्षा 12 की छात्रा सायरा ने अपनी मेहनत से इंटरनेशनल स्पर्धा के लिए भी क्वालीफाई किया। लेकिन सरकार की गलत नीतियों और उदासीनता की वजह से उसका सपना अधूरा रह गया।  10 अगस्त 2026 को देहरादून में हुए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में जब सायरा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंची तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जाने के लिए डेढ़ लाख रुपये चाहिए थे। घर की हालत ऐसी नहीं थी कि इतनी रकम जुटा पाती। नतीजा ये हुआ कि देश के लिए खेलने का मौका हाथ से चला गया।  यही है सरकार की “खेल नीति” की सच्चाई। एक तरफ ढोल पीटा जाता है “खेलो इंडिया” का, दूसरी तरफ गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी को बुनियादी मदद के लिए भी तरसना पड़ता है। सायरा के जिले में आज तक एक भी सरकारी ताइक्वांडो सेंटर नहीं बना। प्रैक्टिस के लिए हर महीने 8000 रुपये प्राइवेट हॉल को देने पड़ते हैं। बरसात में सरकारी स्टेडियम बंद रहते हैं या वीआईपी के नाम बुक रहते हैं। नेशनल के बाद मिलने वाला यात्रा भत्ता और प्रोत्साहन राशि आज भी फाइलों में अटकी है।  सायरा के माता-पिता ने कर्ज लेकर बेटी को नेशनल तक पहुंचाया। उन्हें उम्मीद थी सरकार सहयोग करेगी। लेकिन जब मदद मांगी तो जवाब मिला बजट नहीं है। वहीं जीत के बाद अफसर और नेता फोटो खिंचवाकर “बेटी बचाओ” का भाषण दे देते हैं।  सायरा का सवाल सरकार से सीधा है। अगर एक नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट को डेढ़ लाख की कमी के कारण पीछे बैठना पड़े तो आम खिलाड़ी क्या करेगा? खिलाड़ियों और अभिभावकों की मांग है कि तुरंत हर जिले में फ्री कोचिंग, समय पर किट और भत्ता, और इंटरनेशनल जाने वाले खिलाड़ियों के लिए फंड की व्यवस्था हो।  साफ है सरकार को मेडल से मतलब है, खिलाड़ी से नहीं। जब तक नीतियां कागजों तक सीमित रहेंगी, सायरा जैसी बेटियां गोल्ड जीतकर भी अपने सपने बेचने को मजबूर रहेंगी। सायरा एक एनसीसी कैडेट भी है, सरकार खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के खोखले दावे करती है, इन दावों में कितना दम है यह धरातल पर पता चल रहा है।

सरकार बहादुर पार्ट 3 : सरकार को नहीं सरोकार, उत्तराखंड की मुस्लिम बेटी नहीं जा पाई करियर बनाने के लिए

August 13, 2026

 

इण्टरमीडिएट परीक्षा-2024 का कुल परीक्षाफल 82.63% है, इसमें बालकों का उत्तीर्ण 78.97% तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण 85.96% रहा।

पियूष खोलिया अल्मोड़ा के छात्र एवम कंचन जोशी नैनीताल की छात्रा ने इण्टरमीडिएट परीक्षा में 488/500 कुल 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की श्रेष्ठता सूची में संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।

अंशुल नेगी रुद्रप्रयाग के छात्र ने इण्टरमीडिएट परीक्षा में 485/500 कुल 97.00% अंक प्राप्त कर प्रदेश की श्रेष्ठता सूची में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

 

प्रदेश की इण्टरमीडिएट परीक्षा 2024 में जनपद बागेश्वर कुल 93.00 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर रहा है।

PRIYANSHI RAWAT, J.B.S.G.I.C. GANGOLIHAT PITHORAGARH की छात्रा ने हाईस्कूल परीक्षा में 500/500 कुल 100.00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की संयुक्त श्रेष्ठता सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है।

SHIVAM MALETHA, JANTA HSS MANIPUR CHAKA RUDRAPRAYAG ने 498/500 कुल 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की संयुक्त श्रेष्ठता सूची में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

AYUSH, S V MIC SRIKOT GANGANALI PAURI GARHWAL ने हाईस्कूल परीक्षा में 495/500 कुल 99.00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश की संयुक्त श्रेष्ठता सूची में तृतीय स्थान प्राप्त किया है।

 

हाईस्कूल परीक्षा-2024 का कुल परीक्षाफल 89.14 % है, इसमें बालकों का उत्तीर्ण 85.59 % तथा बालिकाओं का उत्तीर्ण 92.54% रहा।

Tags: रामनगर शिक्षा परिषद
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