उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आज सजा का ऐलान हो गया है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने दोनों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा दी है।
सजा सुनते ही दोनों कोर्ट में ही फूट-फूटकर रो पड़े। जैसे ही जज ने फांसी की सजा का आदेश पढ़ा, मुस्कान और साहिल की आंखों में आंसू आ गए और वे रोते हुए जमीन पर बैठ गए।
कोर्ट ने कहा – अपराधियों को सजा देना भी धर्म है
सजा सुनाते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में महाभारत का जिक्र भी किया। कोर्ट ने कहा कि यह जघन्य और विरल से विरलतम अपराध है। महाभारत में भी कहा गया है कि अपराधियों को दंड देना भी धर्म है, इसलिए अदालत दोनों दोषियों को मृत्यु दंड देती है।
जेल में भी रोते रहे दोनों, पूछा -अब क्या होगा?
फैसले के बाद दोनों को वापस जेल भेज दिया गया। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने बताया कि फांसी की सजा सुनने के बाद से दोनों काफी डरे हुए हैं और लगातार रो रहे हैं। जेल में उन्होंने किसी भी साथी बंदी से बातचीत नहीं की।
डॉ. वीरेश राज ने बताया कि कुछ देर बाद दोनों ने उनसे पूछा कि अब क्या होगा। उन्हें बताया गया कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। वे चाहें तो प्राइवेट वकील से अपील करा सकते हैं, अगर परिवार प्राइवेट वकील नहीं करता है तो वे सरकारी वकील की मांग भी कर सकते हैं। फिलहाल दोनों शांत हैं और अपील करने पर विचार कर रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या का मामला देशभर में चर्चा में रहा था। हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े करके उसे नीले ड्रम में भर दिया गया था और ऊपर से सीमेंट डाल दिया गया था। इस मामले में मुस्कान और साहिल दोषी पाए गए थे। आज कोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई।
मुस्कान और साहिल को सजा का ऐलान होने के बाद सौरभ के परिजनों का भी बयान सामने आया। सौरभ के परिजन संतुष्ट दिखे और उन्होंने कहा कि हमें न्याय मिल गया। फैसले के बाद सौरभ राजपूत के परिवार की आंखें नम हो गईं। सौरभ का परिवार लंबे समय से न्याय की आस में इंतजार कर रहा था। अदालत के फैसले के बाद परिजनों ने इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा होने के बाद कचहरी परिसर में जश्न का माहौल है। इस दौरान वकीलों ने मिठाई बांटी।












