देहरादून/रूद्रप्रयाग। एक तरफ तो सरकार उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोक कलाकारों के भुगतान को लेकर लापरवाह बनी है। अब उत्तराखंड के लोकप्रिय म्यूजिक बैंड पांडवाज ग्रुप का वर्षों से कार्यक्रमों का भुगतान नहीं हुआ है।
दरअसल 38वें राष्ट्रीय खेल उत्तराखंड 2025 में अपनी प्रस्तुति से उत्तराखंड की संस्कृति को देशभर में पहुंचाने वाले कलाकारों का भुगतान आज तक नहीं हुआ है। भुगतान न मिलने से नाराज पांडवाज़ (Pandavaas) सांस्कृतिक ग्रुप ने सोशल मीडिया से मदद पर अब मुख्यमंत्री को खुला पत्र लिखकर भुगतान करने की गुहार लगाई है।
पांडवाज़ ने सोशल मीडिया में पत्र वायरल करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा है कि उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेल के लिए थीम सॉन्ग तैयार किया था, मशाल यात्रा के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी और उद्घाटन समारोह का भी हिस्सा रहे। उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और गौरव को देशभर में पहुँचाने में उन्होंने पूरी निष्ठा से काम किया।

लेकिन दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में किए गए इन कार्यों के बिल आज सितंबर 2026 तक, यानी लगभग 20-21 महीने बीत जाने के बाद भी लटके हुए हैं।
ग्रुप का आरोप है कि भुगतान के लिए उन्होंने हर आधिकारिक दरवाजा खटखटाया है।
– सीएम हेल्पलाइन पर पहली शिकायत बिना समाधान के बंद कर दी गई, दोबारा शिकायत करने पर भी मामला लटका है।
– खेल विभाग, खेल मंत्री, संबंधित अधिकारी और मुख्यमंत्री आवास स्थित हेल्पडेस्क तक हर स्तर पर निवेदन के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला।
पत्र में कहा गया है कि पहले विभाग की ओर से बजट उपलब्ध न होने की बात कहकर सहयोग की अपील की गई थी, जिसका उन्होंने सम्मान किया। लेकिन अब न तो फोन उठाए जा रहे हैं और न ही संदेशों का जवाब मिल रहा है।
ग्रुप ने सवाल उठाया है कि यदि अन्य कलाकारों और वेंडर्स का भुगतान हो चुका है तो केवल पांडवाज़ का भुगतान अभी तक लटका क्यों है। हम किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, केवल अपने किए गए काम का उचित भुगतान चाहते हैं।
उन्होंने लिखा है कि “हम पहाड़ छोड़कर नहीं गए, आज भी यहीं रहकर अपनी लोकसंस्कृति, अपनी कला और अपनी मातृभूमि के लिए काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपनी बात रखना हमारी इच्छा नहीं, बल्कि मजबूरी बन गई है।”
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन किया है कि इस विषय का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग को निर्देश दें और उनके लंबे समय से लटके भुगतान का शीघ्र समाधान करवाएं।
अब देखना होगा की सोशल मीडिया में वायरल हो रहे पांडवाज ग्रुप के इस बकाया राशि भुगतान पत्र का ‘धाकड़’ धामी पर क्या असर पड़ता है!








