रिपोर्ट-हरीश चंद्र
रुद्रप्रयाग / ऊखीमठ। श्रीकांत नेगी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय रुद्रप्रयाग ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला जज मीना अग्रवाल की अदालत ने आरोपी नितिन सिंह नेगी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है और कहा है कि जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस फैसले के साथ करीब आठ माह से चल रही न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 24 दिसंबर 2024 की है। नितिन सिंह नेगी और उसके सगे भाई श्रीकांत नेगी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि नितिन ने भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में श्रीकांत गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन और गांव के लोग उसे तुरंत उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मौखिक, दस्तावेजी और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए और जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हत्या का आरोप साबित किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और दलीलों का परीक्षण करने के बाद नितिन सिंह नेगी को दोषी करार दिया।
फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया है। अदालत के इस सख्त फैसले को कानून व्यवस्था के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।









