धारचूला/पिथौरागढ़। रोजी-रोटी की उम्मीद लेकर डेढ़ साल पहले सऊदी अरब गया धारचूला के खेत गांव का एक युवक वहां बुरी तरह फंस गया है। न उसे कंपनी काम दे रही है, न सैलरी और न ही भारत लौटने दे रही है।
युवक का नाम दिनेश सिंह धामी है। परिजनों का कहना है कि सऊदी पहुंचने के बाद कुछ महीने तक तो सब ठीक चला, फिर कंपनी ने काम देना बंद कर दिया। आरोप है कि कंपनी न तो बकाया वेतन दे रही है और न ही एग्जिट क्लीयरेंस कर रही है। इस कारण दिनेश न तो दूसरी कंपनी में जा पा रहा है और न ही अपने देश लौट पा रहा है।
दिनेश ने घर फोन कर बताया कि वह पिछले करीब 10 महीनों से एक ही कमरे में एक बिस्तर पर पड़ा है। विदेश में अकेले होने के कारण वह काफी परेशान है। घर पर उसकी पत्नी गायत्री देवी और दो छोटे बच्चे हर दिन उसके लौटने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार ने बताया कि कंपनी की तरफ से उसे लगातार परेशान किया जा रहा है और कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बजाय जबरन बढ़ाया जा रहा है।
प्रशासन से लगाई गुहार
इस मामले को लेकर मंगलवार को गांव के लोगों ने धारचूला एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। बीडीसी सदस्य महेश वर्मा, ज्येष्ठ उप प्रमुख खीम सिंह धामी, हेमा धामी, पवन कुंवर समेत कई ग्रामीणों ने एसडीएम आशीष जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा।
ग्रामीणों ने कहा कि यह सिर्फ वेतन का मामला नहीं है, बल्कि एक भारतीय नागरिक की जान और सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि विदेश मंत्रालय और सऊदी में भारतीय दूतावास के जरिए जल्द से जल्द दिनेश की सुरक्षित घर वापसी कराई जाए।
एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। प्रशासन स्तर पर मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी।











