अल्मोड़ा उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। रामनगर स्थित बोर्ड कार्यालय से दस्तावेजों का सत्यापन कराए जाने पर तीनों शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार यह मामला अल्मोड़ा जिले के प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ा है। निलंबित किए गए शिक्षकों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोड़ा में तैनात अंजना ग्वासीकोटी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुढ़ाधार के प्रियांशु चंद्र और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन में कार्यरत भूपेंद्र कुमार शामिल हैं। तीनों सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूटीईटी प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आने के बाद बोर्ड से पुष्टि कराई गई। सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए गए। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।







