देहरादून।उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। देहरादून स्थित विशेष न्यायाधीश सतर्कता अधिष्ठान, गढ़वाल परिक्षेत्र एवं पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजली बैजवाल की अदालत ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी कर 3 सितंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
यह आदेश वाद संख्या 280/2025 पंकज सिंह क्षेत्री बनाम गणेश जोशी में पारित किया गया है। 25 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरी पत्रावली का अवलोकन किया। इस दौरान वादी पंकज सिंह क्षेत्री अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में मौजूद रहे। अदालत ने मामले के तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद पाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत विपक्षी पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना न्याय संगत है। इसी आधार पर न्यायालय ने मंत्री गणेश जोशी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 3 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
इस पूरे मामले को उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता और अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने उठाया है। पंकज सिंह क्षेत्री का कहना है कि वह लगातार इस सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य के एक कैबिनेट मंत्री पर ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं तो इससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं। उनका आरोप है कि यदि एक मंत्री की स्थिति यह है तो अन्य मंत्रियों और नेताओं के बारे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका आचरण कैसा होगा। पंकज सिंह क्षेत्री ने यह भी कहा कि वह इस लड़ाई को अंतिम अंजाम तक ले जाएंगे ताकि जनता को सच पता चल सके।
फिलहाल अदालत ने इस प्रकरण में केवल नोटिस जारी किया है और मंत्री गणेश जोशी को अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया है। 3 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अब यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाता है। राजनीतिक गलियारों में इस नोटिस के बाद हलचल तेज हो गई है और विपक्ष इसे सरकार को घेरने का बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।





