2025 के नगर निगम चुनाव में मेयर का चुनाव लडे कौलागढ निवासी विजय भट्टाराई ने 2019 से 2023 तक नगर निगम द्वारा गठित की गयी मौहल्ला स्वच्छता समिति में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में हुए करोडों रुपए के भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नगर आयुक्त देहरादून नगर निगम को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है।
नगर आयुक्त को दिये पत्र में विजय भट्टाराई ने अवगत करवाया कि तत्कालीन मेयर सुनील उनियाल गामा के नेतृत्व वाले बोर्ड के कार्यकाल में 2019 में गठित मौहल्ला स्वच्छता समिति में सफाई कर्मचारी रखने के नाम पर करोडों रुपए का भ्रस्टाचार हुआ था मामला उजागर होने पर तत्कालीन जिलाधिकारी सोनिका द्वारा तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान से फर्जीवाड़े की जांच करवायी थी।
मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के उपरांत बताया था कि मौहल्ला स्वच्छता समिति के नाम पर कागजों में 99 फर्जी सफाई कर्मचारी दिखाकर नगर निगम को करोडों रुपए का चूना लगाया गया लेकिन आजतक न इस धन की वसूली की गयी और न ही दोषी पार्षदों, सफाई कर्मचारियों, सुपरवाइजरों, निरीक्षकों, अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही की गयी है विजय भट्टाराई ने बताया कि शासनादेश के खिलाफ कर्मचारियों का वेतन सीधे खाते में न डालकर पार्षदों द्वारा कैश दिया गया
इस फर्जीवाड़े का खुलासा कौलागढ निवासियों द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गयी जानकारी से हुआ था। प्राप्त सूचना से खुलासा हुआ था कि कौलागढ की तत्कालीन पार्षद अपने दो खास व्यक्तियों बाबूलाल उर्फ बल्ली और धन बहादुर थापा को सफाई कर्मचारी बनाया था और कौलागढ वार्ड के इन्हीं फर्जी कर्मचारियों को आधार बनाकर कौलागढ वार्ड के निवासियों द्वारा उस वक्त नगर निगम में धरना प्रदर्शन भी किया था लेकिन 5 दिन में कार्यवाही का भरोसा देने वाले नगर निगम प्रशासन ने आज तक इस पर कोई कार्रवाही नही की जांच में भले ही 99 कर्मचारी फर्जी दिखाये गये, लेकिन इनकी संख्या 500 के पार थी क्योंकि एक एक कर्मचारी तो पार्षदों ने अपने घरों में रखा हुआ था। वार्डों केवल कागजों पर सफाई कर्मचारी दिखाये गये थे नये जुडे 40 वार्डों में ज्यादातर सफाई कर्मचारी केवल कागजों पर दिखाये गये थे पूर्व मेयर प्रत्याशी विजय भट्टाराई ने नगर आयुक्त से कार्यवाही की मांग की है।








