सतपुली/पौड़ी। जनपद पौड़ी में बाल विवाह की सूचना पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित संरक्षण में लिया और प्रस्तावित विवाह को समय रहते रोक दिया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशन में की गई, जो जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 9 मई 2026 को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सतपुली क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की का विवाह ताड़केश्वर मंदिर परिसर में उसके परिजनों द्वारा कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही रिखणीखाल थाना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
मौके पर लड़की और उसकी माता मौजूद मिलीं। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि विवाह 10 मई को प्रस्तावित है और वे तैयारियों के लिए मंदिर आए थे। पुलिस द्वारा आयु संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करने पर लड़की की उम्र करीब 17 वर्ष 10 माह पाई गई, जिससे उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के संभावित उल्लंघन को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वैधानिक कार्रवाई करते हुए नाबालिग को संरक्षण में लिया। इसके बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और नियमानुसार उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), कोटद्वार के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें। बाल विवाह एक दण्डनीय अपराध है और इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसी किसी भी सूचना पर तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।








