रिपोर्ट – मुकेश कुमार
राहुल गाँधी प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार दबाव बढ़ाते जा रहे हैं। वे पहले से ही ट्रेड डील और एप्सटीन फाइल्स को लेकर हमलावर हैं, मगर अब आज उन्होंने सीधी चुनौती देकर और फँसा दिया है।
उन्होंने एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस पर पीएम मोदी को कंप्रोमाइज़्ड बताते हुए चुनौती दी है कि यदि उनमें दम है तो यूएस ट्रेड डील रद्द करके दिखाएँ। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को देश को बेचने वाला क़रार दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस के डर से प्रधानमंत्री मोदी ने यह सौदा किया। उन्होंने एक दिन पहले ही एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ‘मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना ये शर्म की बात है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने से अमेरिका के साथ ट्रेड डील रुकी हुई थी, लेकिन मोदी ने अचानक दो वजहों से इसे साइन कर दिया। पहली वजह थी, एपस्टीन फाइल्स का डर। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लाखों फाइलें हैं, जिनमें ईमेल, मैसेज और वीडियो हैं। अमेरिका ने धमकी देने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम रिलीज किया।
दूसरा कारण अडानी पर अमेरिका में चल रहा क्रिमिनल केस है। राहुल ने कहा कि अडानी बीजेपी और मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं, इसलिए यह केस अडानी पर नहीं, बल्कि मोदी और बीजेपी पर है।
ज़ाहिर है कि गेंद अब मोदी के पाले में है। राहुल की चुनौती उनके लिए इसलिए और भी मुश्किल है कि ट्रम्प ने धमकी दी है कि अगर गेम किया तो ठीक नहीं होगा। ऐसे में क्या वे राहुल की चुनौती को स्वीकार करेंगे? क्या वे ट्रम्प की धमकियों को नज़रअंदाज़ करके ट्रेड डील को रद्द करेंगे?









