चमोली जनपद में सुबह थराली नगर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक “कपूर गली” भवन में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी इमारत उसकी चपेट में आ गई और कुछ ही समय में भवन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों
उनके अनुसार आग लगने के समय भवन में रह रहे मजदूर काम पर गए हुए थे, जिसके चलते बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मजदूरों का सारा घरेलू सामान आग में जलकर नष्ट हो गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और तहसील प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन भवन सड़क से दूर स्थित होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
स्थानीय लोगों ने बताया कि “कपूर गली” भवन थराली की पहचान रहा है और कभी यह क्षेत्र के ट्रेजरी कार्यालय तथा पुराने बाजार की रौनक का केंद्र हुआ करता था। नए पुल के निर्माण के बाद यह भवन धीरे-धीरे वीरान और जर्जर स्थिति में पहुंच गया था।
इस घटना ने न सिर्फ लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि थराली की ऐतिहासिक धरोहर को काफी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है।
इसी दौरान जानकारी मिली कि यह नगर पंचायत थराली की अध्यक्ष सुनीता रावत का पैतृक घर, जो मुख्य बाजार क्षेत्र में स्थित है, भी जलकर स्वाहा हो गया।
लापरवाही बरतने में के आरोप में सुनीता रावत पर कई प्रश्न चिन्ह उठाए जा रहे हैं।








