रूद्रप्रयाग। कभी एक छत्र राज कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री मातवर सिंह कंडारी के हाथों में आईएएस और पीसीएस की कलम थी, अब वर्तमान विधायक भरत सिंह चौधरी की मनमर्जी के चलते जिले को खामियाजा जनपद को भुगतना पड़ रहा है।
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे थे कि ‘जो अधिकारी मेरी नहीं सुनेगा मेरे जूते की सुनेगा’
उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी विशाल मिश्रा इससे पूर्व वे गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के प्रबंध निदेशक, जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक, ऊधम सिंह नगर में संयुक्त मजिस्ट्रेट व अल्मोड़ा में कोसी में तैनात थे। अचानक से उन्हें रुद्रप्रयाग जिला अधिकारी बना दिया गया।
यहां बता दे कि एक धार्मिक कार्यक्रम में गए रुद्रप्रयाग पूर्व जिला अधिकारी को विधायक महोदय रास नहीं आए। विधायक की सिफारिश पर डीएम रुद्रप्रयाग को हटा दिया गया।
जनपद रुद्रप्रयाग अपनी स्थापना से लेकर 28 जिलाधिकारी देख चुका है।
आईएएस अधिकारी का विधायक द्वारा ट्रांसफर करना निंदनीय है या सोचनीय!
जिलाधिकारी एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उन्होंने राधे-राधे कर भजन किया।
डीएम साहब का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, लेकिन भाजपा सरकार के विधायक को रास नहीं आया।
अब नए जिलाधिकारी महोदय भी भाजपा का गुणगान करें तो पद पर बने रहेंगे, अन्यथा ट्रांसफर तय है।











