अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील अंतर्गत रस्यारागांव में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक दिव्यांग मजदूर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया । शव पर सिर, हाथों और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
शनिवार सुबह गांव की एक महिला जब घास लेने जा रही थी, तभी उसकी नजर दीपक पाण्डेय के आंगन के पास रखे सीमेंट के कूड़ेदान के समीप पड़े शव पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही महिला घबरा गई और गांव में खबर फैल गई। कुछ ही देर में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई ।
मृतक की पहचान कुंदन राम (43 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक के भाई संतोष राम और हरीश राम ने बताया कि कुंदन राम 18 जनवरी से घर से लापता थे। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन शनिवार को शव मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों के अनुसार, कुंदन राम के सिर पर गहरी चोट के निशान, हाथों की उंगलियों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर जख्म पाए गए हैं। इन हालातों ने पूरे मामले को और भी रहस्यमय और संदिग्ध बना दिया है।
कुंदन राम पूर्व में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक हाथ गंवा चुके थे, इसके बावजूद वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन – पोषण कर रहे थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा हैं, जो सभी नाबालिग हैं। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और गांव में शोक का माहौल है।
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला उप चिकित्सालय में पोस्टमॉर्टम कराया । पोस्टमॉर्टम के बाद शव को अल्मोड़ा मॉर्च्यूरी भेज दिया गया है।









