ऋषिकेश। उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन ऋषिकेश सीट पर सियासी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। फिलहाल भाजपा की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले मजबूत मानी जा रही है। भाजपा से वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल सबसे मजबूत दावेदार हैं। वे कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं और लगातार बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ऋषिकेश में करीब 450 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रेमचंद अग्रवाल के नेतृत्व में भाजपा की सदस्यता ली थी। जनवरी 2026 में भी पूर्व पार्षद मुस्कान और पूर्व पार्षद सुंदरी कंडवाल समेत 8 लोगों ने भाजपा जॉइन की। ऋषिकेश, रायवाला, वीरभद्र और श्यामपुर मंडल में भाजपा की चुनावी रणनीति पर बैठकें हो चुकी हैं।
वहीं कांग्रेस में अभी गुटबाजी सबसे बड़ी चुनौती है। दो पूर्व विधानसभा प्रत्याशी खुलकर आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस से पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट और पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। हीरा सिंह बिष्ट ने 2027 में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का दावा किया है और डोईवाला में नगर कांग्रेस कार्यालय का उद्घाटन भी किया है। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला सहकारी समिति चुनावों में निर्विरोध जीत को भाजपा के खिलाफ माहौल बता रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल के नेतृत्व में पार्टी NSUI को भी छात्र संघ चुनावों के लिए तैयार कर रही है।
फिलहाल भाजपा आगे इसलिए दिख रही है क्योंकि सिटिंग विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का जनाधार मजबूत है, बड़ी संख्या में कांग्रेसी भाजपा में शामिल हुए हैं और संगठन बूथ स्तर तक सक्रिय है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि जनता मौजूदा सरकार की नीतियों से नाराज है और 2027 बदलाव का चुनाव होगा। अभी दोनों ही दलों ने आधिकारिक रूप से प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं।
बहरहाल कुछ कर्मों से पहाड़ी समुदाय वर्तमान विधायक प्रेमचंद अग्रवाल से नाराज चल रहा है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस मामले को किस तरीके से लपकता है!







