रुड़की। गंगनहर कोतवाली पुलिस के दो पूर्व दरोगाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने और मांगने पर दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित ने SSP को ऑडियो-वीडियो साक्ष्य सौंपे थे, जिसके बाद SP देहात ने जांच की और जांच में आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई हुई।
जानकारी के मुताबिक तत्कालीन जांच अधिकारी दरोगा मनदीप सिंह ने मुकदमे में FR लगाने के एवज में शिकायतकर्ता से 3 लाख 50 हजार रुपये ले लिए थे। बाद में जब केस की दोबारा विवेचना शुरू हुई तो नए जांच अधिकारी बने दरोगा बलवंत पवार ने उसी FR के लिए 5 लाख रुपये की मांग कर दी।
शिकायत में बताया गया है कि रकम न देने पर दोनों ने जेल भेजने, गोली मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने तक की धमकी दी। अब दोनों भ्रष्ट दरोगाओं पर मुकदमा दर्ज हो गया है










