दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आज 1 नवंबर से नया नियम लागू हो गया है। दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने फैसला लिया है कि 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर के BS-6 से नीचे वाले किसी भी वाहन को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी।
इसका सीधा असर उत्तराखंड परिवहन निगम पर पड़ा है।
कितनी बसें प्रभावित:
उत्तराखंड रोडवेज रोज़ाना औसतन 934 बसें चलाता है, जिनमें से करीब 400 बसें दिल्ली रूट पर जाती हैं। इनमें से 200 बसें BS-6 मानक की नहीं हैं, इसलिए वो आज से दिल्ली नहीं जा पाएंगी। इसमें 12 लग्जरी वोल्वो बसें भी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा असर देहरादून-दिल्ली रूट पर है। इस रूट पर 25 वोल्वो चलती हैं, जिनमें से 12 आज से बंद हो जाएंगी।
रोडवेज का प्लान क्या है
महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह ने बताया कि यात्रियों को परेशानी न हो इसलिए बाकी BS-6 बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। फिलहाल 6 वोल्वो बसों के फेरे बढ़ा कर 26 ट्रिप किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो 13 बसों के फेरे बढ़ेंगे।
जो 200 बसें दिल्ली नहीं जा पाएंगी, उन्हें अब आगरा, लखनऊ, चंडीगढ़ और नेपाल रूट पर चलाने की तैयारी है। निगम के पास 2 CNG बसें भी हैं जो चलती रहेंगी।
आनंद विहार, गाजीपुर, सिंघु, टीकरी समेत सभी बॉर्डर पर हाईटेक कैमरे और पुलिस तैनात है। नंबर प्लेट से ही पता चल जाएगा कि गाड़ी BS-6 है या नहीं। नियम तोड़ने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
CNG, इलेक्ट्रिक, BS-6 गाड़ियां और एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड को छूट दी गई है।












