उत्तराखंड के सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के स्टेट डेटा सेंटर में एक बार फिर साइबर अटैक हुआ है। शुक्रवार देर रात हुए इस हमले के बाद 20 से अधिक सरकारी वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया। डेटा सेंटर पर अटैक करने वाले वायरस की पहचान रशियन मैलवेयर के रूप में की गई। इसकी वजह से करीब पंद्रह घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही। शनिवार देर शाम आईटीडीए ने दावा किया कि फिलहाल खतरे को टाल दिया गया है, सभी वेबसाइट अब सुचारू रूप से चल रही हैं। हालांकि अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
शनिवार को सरकारी दफ्तरों के खुलते ही जब कई विभागों की वेबसाइटें नहीं खुलीं तो छानबीन शुरू हुई। पता चला कि स्टेट डेटा सेंटर पर एक बार फिर साइबर अटैक हुआ है। ऐहतियाती कदम उठाते हुए आईटीटीए ने मैलवेयर के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए डेटा सेंटर के सर्वर को तुरंत डाउन कर दिया। इसके बाद स्कैनिंग का काम शुरू किया गया।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस हमले में कितना नुकसान हुआ है, इसका पता डीप स्कैनिंग के बाद दो-तीन दिन में ही चल पाएगा। इससे पूर्व डेटा सेंटर की सभी एप्लीकेशन को फिर से कोड करना पड़ेगा। इस बीच कहीं डेटा तो चोरी नहीं हुआ, इसका भी पता लगाया जाएगा। बता दें कि इससे पहले स्टेट डेटा सेंटर पर चार अक्तूबर 2024 को एक बड़ा मैलवेयर- रैनसमवेयर साइबर अटैक हुआ था, जिससे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-ऑफिस और 180 से अधिक सरकारी वेबसाइटें अस्थायी रूप से ठप हो गईं थी। इसी साल जनवरी में भी डेटा सेंटर पर एक कम असर वाला साइबर हमला किया गया था। उस दौरान 10 से अधिक सरकारी वेबसाइट ने काम करना बंद कर दिया था।
उत्तराखंड के सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के स्टेट डेटा सेंटर में एक बार फिर हुए मैलवेयर अटैक ने सरकार की साइबर सुरक्षा संबंधी तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है।








