रिपोर्ट – हरीशचंद्र
रूद्रप्रयाग/ऊखीमठ। जैसे ही चुनाव नजदीक आते हैं, ऊखीमठ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति फिर चर्चा में आ जाती है। सोमवार को ऊखीमठ तहसील मुख्यालय में नगर पंचायत अध्यक्ष, सभासदगण, व्यापार मंडल, प्रधानगण, जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल और क्षेत्रवासियों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि 31 अगस्त 2026 तक ऊखीमठ की स्वास्थ्य सुविधाओं में आवश्यक सुधार करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकरण किया जाए। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा तक सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 1 सितंबर 2026 से तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन जैसे कठोर आंदोलन किए जाएंगे।
व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी स्वर्गीय अशोक कैशिव की जन्मभूमि ऊखीमठ में राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ऊखीमठ का पीएचसी सिर्फ नाम का तीन मंजिला अस्पताल है, वहां कोई मूलभूत व्यवस्था नहीं है।
वन पंचायत सरपंच पवन राणा ने कहा कि यह भगवान केदारनाथ की पंच गद्दी स्थल की भूमि है। हर चुनाव में चाहे वह नगर पंचायत, विधानसभा, लोकसभा या सांसद का चुनाव हो, सबसे पहला मुद्दा पीएचसी ऊखीमठ का उच्चीकरण ही बनता है, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रसव वाली महिलाओं को चेकअप और अल्ट्रासाउंड के लिए सीधे रूद्रप्रयाग जाना पड़ता है। जहां चेकअप में 800 से 1000 रुपये लगते हैं वहीं गाड़ी बुकिंग में 4000 रुपये खर्च हो जाते हैं। यह क्षेत्रवासियों के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्मवान, महिला मंगल दल अध्यक्ष मिथिला धर्मवान, सभासद प्रदीप धर्मवाण, सरला देवी, पूर्व सभासद बलवंत रावत, रविन्द्र रावत, कर्मबीर कुंवर, आंदन सिंह रावत, बंसती रावत, महेश बर्तवाल, संतोष शैव, यशबीर, मनवर सिंह, महाबीर सिंह, उर्मिला धर्मवान, दिलबर सिंह, संगीता देवी, विमला देवी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।







