ऋषिकेश। ऋषिकेश नगर निगम में नामित पार्षदों की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि महापौर शंभू पासवान से बिना पूछे और बिना परामर्श के ही नामित पार्षद बना दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस फैसले में महापौर को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है, जबकि नियमानुसार नामांकन से पहले महापौर से चर्चा होनी चाहिए थी। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है कि जब निगम में एक कमेटी और बोर्ड की व्यवस्था है तो उसे बायपास क्यों किया गया।
मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि कमेटी बनाई गई थी फिर भी उसे बायपास कर सीधे नामांकन कैसे कर दिए गए और आखिर इन सवालों का जवाब कौन देगा। इस प्रकरण से नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि मेयर शंभू पासवान की निगम में चलती नहीं है या उनकी कोई सुनता नहीं है!









