देहरादून। लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड में सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय से 30 जून 2026 को जारी आदेश में सिविल, प्राविधिक, विद्युत और यांत्रिक संवर्ग के 100 से अधिक अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।
आदेश के मुताबिक तबादले स्थानांतरण अधिनियम 2017 के तहत सत्र 2026-27 के लिए किए गए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख तबादले:
1. श्री महेन्द्र सिंह दयाण, अपर सहायक अभियंता सिविल को निर्माण खण्ड दुगड्डा से रामनगर खण्ड श्रीनगर भेजा गया है।
2. श्रीमती पूजा श्रेष्ठ, अपर सहायक अभियंता सिविल को प्रमुख अभियंता कार्यालय से अस्थाई खण्ड सहिया स्थानांतरित किया गया है।
3. श्री मुश्ताक आलम, अपर सहायक अभियंता सिविल को प्रान्तीय खण्ड देहरादून से अस्थाई खण्ड कोटिनगर भेजा गया।
4. श्री अमित सेमवाल, अपर सहायक अभियंता सिविल को निर्माण खण्ड देहरादून से रामनगर खण्ड बड़कोट भेजा गया।
5. श्री सुरेश सिंह मतोलिया, अपर सहायक अभियंता सिविल को निर्माण खण्ड हल्द्वानी से निर्माण खण्ड नं-2 एडीबी नैनीताल भेजा गया।
6. श्रीमती कामिनी, अपर सहायक अभियंता सिविल को क्वालिटी कन्ट्रोल खण्ड देहरादून से निर्माण खण्ड श्रीनगर भेजा गया।
7. श्री अजय कुमार राणा, कनिष्ठ अभियंता सिविल को निर्माण खण्ड दुगड्डा से प्रान्तीय खण्ड हरिद्वार भेजा गया।
8. श्री जय प्रकाश, अपर सहायक अभियंता सिविल को राष्ट्रीय मार्ग खण्ड लोहाघाट से प्रान्तीय खण्ड रुद्रपुर भेजा गया।
9. श्रीमती अनुपमा डंगवाल, अपर सहायक अभियंता सिविल को प्रमुख अभियंता कार्यालय से क्वालिटी कन्ट्रोल खण्ड देहरादून भेजा गया।
10. श्री मनोज कुमार, अपर सहायक अभियंता सिविल को प्रान्तीय खण्ड लैन्सडौन से निर्माण खण्ड दुगड्डा भेजा गया।
इसके अलावा श्री नवनीत कुमार त्यागी को निर्माण खण्ड नरेन्द्रनगर से अस्थाई खण्ड ऋषिकेश, श्री प्रकाश चन्द्र पन्त को प्रान्तीय खण्ड रुद्रपुर से निर्माण खण्ड हल्द्वानी और श्री उमेश कुमार को निर्माण खण्ड गुप्तकाशी से निर्माण खण्ड रुड़की स्थानांतरित किया गया है।
प्राविधिक संवर्ग में श्री सुभाष राम आर्या, कनिष्ठ अभियंता को निर्माण खण्ड खटीमा से अस्थाई खण्ड भवाली भेजा गया है। यांत्रिक संवर्ग में श्री रोहित कुमार को वि/यां खण्ड बाजपुर से प्रान्तीय खण्ड नैनीताल भेजा गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण कार्यहित और निजी हित दोनों आधार पर किए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित कार्मिकों को तत्काल कार्यमुक्त कर अनुपालन आख्या भेजें। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है।







