अल्मोड़ा (सल्ट)। होमवर्क पूरा न करने की सजा इतनी भारी पड़ जाएगी, किसी ने नहीं सोचा था। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बांगीधार में भूगोल प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी पर 12वीं कक्षा के 5 छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि अनुशासन के नाम पर शिक्षिका ने छात्रों की इज्जत सरेआम उछाल दी।
पीड़ित छात्रों के अनुसार घटना के दिन होमवर्क पूरा नहीं होने पर उन्हें कक्षा से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद आरोप है कि ब्लेड का इस्तेमाल कर उनकी स्कूल यूनिफॉर्म फाड़ दी गई और चाकू मंगवाकर सबके सामने उनके बाल भी काट दिए गए। छात्रों का कहना है कि यह सब पूरी क्लास और अन्य विद्यार्थियों के सामने किया गया, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात लगा और काफी अपमान महसूस हुआ। आरोप यहीं नहीं रुके। छात्रों ने बताया कि इस दौरान दो छात्राओं की नोटबुक और कई कॉपियों के पन्ने भी फाड़ दिए गए।
छात्रों ने यह भी कहा कि शिक्षिका पहले भी 2 से 3 बार बाल छोटे कराने की चेतावनी दे चुकी थीं। उन्होंने माना कि समय पर बाल नहीं कटवाना उनकी गलती थी, लेकिन उनका कहना है कि जिस तरह से सजा दी गई वो अनुचित और अपमानजनक थी।
घटना की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि बच्चों को अनुशासन सिखाना जरूरी है, लेकिन इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गलत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि आपसी समझौता नहीं हुआ तो पोक्सो एक्ट के अंतर्गत शिक्षिका का जेल जाना तय है।







