सीसीटीवी फुटेज में कथित रूप से नकदी निकालते दिखने के आधार पर हुई कार्रवाई
बद्रीनाथ धाम मंदिर के चढ़ावे की थाली भेंट गणना में कथित हेराफेरी और नकदी चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
एसआईटी के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर राजेंद्र चौहान जांच टीम के रडार पर थे। जांच में सामने आए फुटेज में उन्हें 22, 25 और 29 जून को थाली भेंट गणना कक्ष में कथित रूप से नकदी निकालते हुए देखा गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर शुक्रवार को बदरीनाथ में उनसे करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की गई।
पूछताछ के बाद एसआईटी ने दोपहर 2:59 बजे राजेंद्र चौहान को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
यह मामला बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे की गणना में कथित अनियमितताओं और नकदी हेराफेरी से जुड़ा है, जिसकी जांच एसआईटी द्वारा लगातार की जा रही है। इससे पहले भी इस प्रकरण में मंदिर समिति के एक कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
30 जून को हुए थे सेवानिवृत्त :
गिरफ्तार पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान इसी वर्ष 30 जून को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। आरोप है कि सेवा में रहते हुए थाली भेंट गणना के दौरान हुई कथित अनियमितताओं में उनकी भूमिका सामने आई है। एसआईटी अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच कर रही है।








