देहरादून। जिस RTI को देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार माना जाता है, उसी को अब कुछ लोग ब्लैकमेलिंग और उगाही का जरिया बना रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला उत्तराखंड में सामने आया है, जहां सिंचाई विभाग के एक ईमानदार अफसर को RTI के नाम पर फंसाकर 2 लाख रुपये मांगने का आरोप लगा है।
बेरोजगार बनकर मांगी मोटी फाइलें
मामला सिंचाई खण्ड नई टिहरी के उपखण्ड धनसाली का है। यहां तैनात सहायक अभियंता सुरेश पाल को देहरादून के एक व्यक्ति आशीष शर्मा उर्फ भानू ने RTI के तहत पूरे विभाग की फाइलें मांग लीं। आवेदन में आखिरी लाइन में हमदर्दी लेने के लिए लिख दिया – _मैं बेरोजगार हूं, मुझे सूचना निःशुल्क दी जाए।
इसी लाइन पर अफसर को शक हुआ। जब वह अपने साथी के साथ RTI में दिए गए पते पर पहुंचे तो होश उड़ गए। वहां झोपड़ी नहीं, बड़ा आलीशान मकान था।
पूछताछ में उगले झूठ पर झूठ
तहरीर के मुताबिक जब अफसर ने उससे पूछताछ की तो वह हर बार बयान बदलता रहा। पहले बोला किसी कंपनी में काम करता हूं, फिर बोला फाइनेंस कंपनी में हूं। RTI पर अपने ही हस्ताक्षर पर चुप्पी साध गया और तो और आवेदन पर लिखा मोबाइल नंबर भी किसी दूसरे के नाम पर निकला।
यहीं से साफ हो गया कि मकसद सूचना लेना नहीं, कुछ और ही है।
होटल के पास बुलाया, कागज पर लिखकर दिया 2 लाख का रेट
इस खेल का सबसे गंदा चेहरा 25 सितंबर की शाम दिखा। फोन पर बात करके अफसर को सरकारी दफ्तर की बजाय देहरादून के जनरल महादेव सिंह रोड स्थित सैफ्रोन लीफ होटल के पास बुलाया गया।
शाम 6 बजे आशीष शर्मा अपने एक साथी के साथ क्रीम कलर की एक्टिवा पर पहुंचा। थोड़ी दूर जाकर फोन पर बात करने का नाटक किया और कहा – मेरी बात दिल्ली में मीडिया वाले से हो गई है। फिर जेब से एक कागज निकाला, जिस पर अंग्रेजी में 2 लाख रुपये की मांग लिखी थी।
जब अफसर ने विरोध किया तो धमकी दी गई – तुम्हें इस चीज के बारे में कुछ नहीं पता और जाते-जाते कह गए कि फोन पर बता देना। दोनों आरोपी शाम 6:34 पर वहां से फरार हो गए।
SSP से न्याय की गुहार
इस पूरे मामले के बाद सहायक अभियंता सुरेश पाल ने SSP देहरादून को तहरीर देकर साफ कहा है – ये RTI नहीं, संगठित वसूली है। ऐसे लोग RTI जैसे पवित्र कानून को बदनाम कर रहे हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस तहरीर की कॉपी पटेल नगर थाने को भी भेजी गई है।
सवाल बड़ा है: RTI कार्यकर्ता या RTI के नाम पर रंगदारी?
यह घटना अकेली नहीं है। उत्तराखंड में कई जगह RTI की आड़ में अफसरों को डराकर पैसे मांगने का धंधा चल रहा है। जरूरत है कि पुलिस ऐसे फर्जी RTI गैंग पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि असली सूचना मांगने वाले आम लोगों का हक न मरे और ईमानदार अफसर बिना डर के काम कर सकें।











