हरिद्वार। निठारी कांड से चर्चा में आए मूल रूप से अल्मोड़ा उत्तराखंड निवासी सुरेंद्र कोली की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बड़ा अपडेट सामने आया है। डॉक्टरों के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में मौत का कारण Anti Mortem Hanging with Asphyxia बताया है। यानी प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार कोली ने जीवित अवस्था में फांसी लगाई और उसकी मौत दम घुटने से हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर लिगेचर मार्क मिलने की पुष्टि हुई है, जो फांसी के दौरान फंदे के दबाव का संकेत माना जाता है। इसके साथ ही हायॉइड बोन और गले की संरचना में फ्रैक्चर के भी साक्ष्य मिले हैं। रिपोर्ट में पेटीचिया यानी आंखों और चेहरे पर छोटे रक्तस्राव के निशान और नाक-मुंह से खून आने का भी उल्लेख है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में फांसी के मामलों में संभावित लक्षण माना जाता है।
वहीं जांच के दौरान पुलिस ने घटना से पहले के 72 घंटे की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया है। सूत्रों के अनुसार फुटेज में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी के संकेत नहीं मिले हैं। घटना वाली रात करीब 8 बजे के बाद से…









