ऋषिकेश। न्यायिक मजिस्ट्रेट / अपर सिविल जज (जू.डि.) सुश्री तान्या मिड्ढा की अदालत ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में एक ही महिला अभियुक्ता सीमा यादव को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। दोनों मामलों में अधिवक्ता संजीव कुमार पाण्डेय और कुलदीप सिंह रावत की ठोस पैरवी के आगे बचाव पक्ष के तर्क धराशायी हो गए।
पहला मामला: गोपाल सिंह बनाम सीमा यादव
परिवादी गोपाल सिंह निवासी अमित ग्राम गुमानीवाला ने 2.50 लाख रुपये के चेक बाउंस का परिवाद दायर किया था। चेक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा श्यामपुर का था, जो अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया था। इस मामले में अदालत ने अभियुक्ता को 6 माह के साधारण कारावास और चेक राशि व 9 प्रतिशत ब्याज सहित कुल 3,58,675 रुपये प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है।
दूसरा मामला: गौरव शर्मा बनाम सीमा यादव
परिवादी गौरव शर्मा निवासी गुर्जर प्लॉट ऋषिकेश ने 3 लाख रुपये के चेक बाउंस का परिवाद दायर किया था। यह चेक उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक का था, जो 8 दिसंबर 2021 को बाउंस हुआ था। इस मामले में अदालत ने अभियुक्ता को 6 माह की कैद और 4,30,410 रुपये प्रतिकर देने की सजा सुनाई है। प्रतिकर न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दोनों ही मामलों में बचाव पक्ष ने चेक सिक्योरिटी के तौर पर देने और लेनदेन से इनकार करने का तर्क दिया था। अधिवक्ता द्वय ने दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और सुप्रीम कोर्ट की नजीरों के आधार पर अदालत में विधिक देनदारी की उपधारणा स्थापित की, जिसके बाद अदालत ने दोषसिद्धि का आदेश दिया।







