हरिद्वार। उत्तरांचल पंजाबी महासभा के तत्वावधान में 14 अगस्त 2026 को हरिद्वार स्थित प्रेम नगर आश्रम में “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में महासभा के गढ़वाल अध्यक्ष पंकज मैसून ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। बैठक में उन्होंने कहा कि 1947 का भारत विभाजन देश के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक था, जिसमें लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पंकज मैसून ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह असंख्य परिवारों के बिछड़ने, हिंसा और मानवीय त्रासदी का प्रतीक था। उन्होंने पूर्वजों के साहस और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने के बावजूद पूर्वजों ने हार नहीं मानी और कठिन परिस्थितियों से उबरकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऐसे वीर पूर्वजों का संघर्ष और बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
14 अगस्त को सुबह 10:30 बजे प्रेम नगर आश्रम, हरिद्वार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही वर्ष 1947 से पूर्व जन्मे विभाजन विभीषिका के जीवित सेनानियों का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा और दीप प्रज्ज्वलन का भी आयोजन होगा।
पंकज मैसून ने समाज के सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान को नमन करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल हों। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इतिहास की इस पीड़ा और उससे मिली सीख से अवगत कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, जिला अध्यक्ष पंकज डिडान, प्रदेश मीडिया प्रभारी पंकज कपूर, प्रदेश सचिव संजय अरोड़ा, गढ़वाल महामंत्री राजीव सच्चर, गढ़वाल संगठन मंत्री दीपक अरोड़ा सहित महासभा के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।







